Sunday, July 3, 2011

कांग्रेस का जो वर्ग राहुल गाँधी को PM देखना चाहता है के लिए सुनहरा अवसर है. चूक गए तो हो सकता है आठ साल तक इन्तजार करना पड़े....‏

1.) कांग्रेसनुसार P.M. लोकपाल के दायरे से बाहर होना चाहिए, क्योंकि PM एक व्यक्ति नहीं एक संस्था है. अब जब "संस्था" ने स्वयं ही दायरे में रहना मान लिया तो कांग्रेस को संस्था की बात पूरे आदर सहित मानने में गुरेज़ होना कांग्रेस की कथनी और करनी एक नहीं को प्रमाणित करता है. कांग्रेस को उनके साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए जिन्होंने सत्ता पर बैठाया.
2.) कांग्रेस का जो वर्ग राहुल गाँधी को PM देखना चाहता है के लिए सुनहरा अवसर है. चूक गए तो हो सकता है आठ साल तक इन्तजार करना पड़े.   
3.) यह देश का दुर्भाग्य है कि पहले देश स्वार्थी राजाओं, नवाबों के कारण 300 साल गोरों का गुलाम रहा. आज़ादी के बाद अब स्वार्थी नेता/नौकरशाहों के कारण भ्रष्टाचार, महंगाई, कालाधन, मिलावटखोरी, हवाला आदि-आदि का गुलाम. 

Friday, July 1, 2011

विजय चोपड़ा जी , आपके " ऊँचे लोग नीची करतूतें" लेख जैसा स्तरहीन बेकार लेख आज तक नहीं पढ़ा. आप एक बहुत बड़े समूह के मालिक


सिरसा 01 जुलाई 2011. 
1.) विजय चोपड़ा जी , आपके " ऊँचे लोग नीची करतूतें" लेख जैसा स्तरहीन बेकार लेख आज तक नहीं पढ़ा. आप एक बहुत बड़े समूह के मालिक होने के साथ-साथ " Editor in Chief " भी हैं. आज देश भ्रष्टाचार, महंगाई, कालाधन वापसी, बढ़ते अपराध, मिलावटखोरी, अपहरण, बलात्कार, हत्या, NAC का खतरनाक विधेयक, नक्सलवाद सहित अनेकों समस्याओं से देश त्राहि-त्राहि कर रहा है, अनाज सड़ रहा है, गरीब भूख से बिलबिला रहे है. ऐसे में देश हित हेतु इन समस्याओं पर कारगर लेख के बजाए जो लिखा को पढ़ कर हम पाठक इस दुविधा में हैं कि आपको किस श्रेणी में रखा जाए. आप पर छोड़ा जाता है.   
2.) 
 
श्रद्धेय स्वामी जी, INDIA T.V. Website 8 जून खबरनुसार 4 जून को आपने उसके रिपोर्टर को जानकारी दी कि आपको किसी ने पुख्ता ख़बर दी है कि " आधी रात को हजारों पुलिस वाले शिविर खाली करवाने की कौशिश करेंगे , आग लगा कर या गोली चला कर आपको मार सकती है. " इतनी बड़ी ख़बर को चैनल ने देश को दिखाया नही वहीं आपने भी प्रेस वार्ता के दौरान इसका खुलासा नहीं किया. कारण आप जाने. सबसे बड़ी विडंबना तो यह है कि 8  जून को हमें पता लगने पर हमने जैसा INDIA T.V. पर लिखा गया वह मीडिया को भेजने के साथ-साथ मीडिया के twitter व facebook पर भी डाला. लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी.

Thursday, June 30, 2011

अनशन के विरोध में लिखने व बोलने वाले " राष्ट्रिय सलाहकार परिषद् " के उस विधेयक बारे क्यों चुप है जिसे तवलीन सिं


 30 जून 2011.
1.) आदरणीय अन्ना व बाबा रामदेव जी के देश व समाज हितैषी अनशन के विरोध में लिखने व बोलने वाले " राष्ट्रिय सलाहकार परिषद् " के उस विधेयक बारे क्यों चुप है जिसे तवलीन सिंह (पत्रकार) (देखें twitter दिं 19 जून) व लेखक अर्जुन शर्मा (लेख पंजाब केसरी हिसार 14 जून) ने देश व समाज के लिए अति खतरनाक बताया. 
2.) चैनल IBN-7 द्वारा बार-बार " हम किसी से डरते नहीं हैं, हम पत्रकारिता करते हैं ". का प्रदर्शन अव्वल दर्जे के ओछेपन के अलावा और क्या है ?
3.) चैनल IBN-7 द्वारा बार-बार दिखाना " हम किसी से डरते नहीं हैं, हम पत्रकारिता करते हैं ". का मतलब मायावती CM व DGP (UP) को कोई संदेश देना है तो उनके नाम (पत्र क्यों नहीं ले रहे देश जानना चाहता है.

Tuesday, June 28, 2011

सरकार/कांग्रेस को स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि छवि कथनी व करनी एक करने से सुधरेगी न कि संपादकों से मिलने से.

1.) आदरणीय अन्ना व बाबा रामदेव जी के भ्रष्टाचार, कालाधन विरोधी अनशन से पहले सरकार. मीडिया, बुद्धिजीवी, NGOS, स्वार्थी तत्व किसी को कोई परेशानी नहीं थी. अनशन के बाद सरकार सहित अनेक लोग अनेक तरह के सवालों को व लोकतंत्र को लेकर लोकतंत्र का ही बुरा हाल करने में कोई कोर-कसर बाकी नही छोड़ रहे.
2.) अनशन ने सरकार की कथनी व करनी की पोल खोल कर वास्तविक रूप देश के सामने ला दिया. सरकार व कांग्रेस ने अपनी छवि को बुरी तरह से धूमिल कर लिया अब सुधारने के लिए 4 महीने में एक बार भी संपादकों से न मिलने वाले P.M. से महीने में 4 बार मिलने को कहा गया है. सरकार/कांग्रेस को स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि छवि कथनी व करनी एक करने से सुधरेगी न कि संपादकों से मिलने से.
3.) सरकार के पास छवि सुधारने का सबसे सरल तरीका है जनलोकपाल. सरकार को यह सुनहरी मौका नही गवाना चाहिए.

मीडिया पर हमले होते क्यों है के बारे मीडिया आत्मचिंतन क्यों नहीं करता ? जाहिर है घमंडी/बेशर्म मीडिया सुधरना नही चाहता....

सिरसा 28 जून 2011.
1.) दो मीडिया लोगों पर दो पुलिस के लोगों ने जैसा आरोप लगाया जा रहा है हमला किया को "
मीडिया व लोकतंत्र " पर हमला कह कर ढोल पीटा जा रहा है. वास्तव में यह मीडिया के उस घिनौने रूप जिसे मीडिया के लोग स्वयं मानते है कि मीडिया बिका हुआ, दलाल, भ्रष्ट, घमंडी, बड़बोला, बेशर्म, मोटी रकम लेकर मनचाहा प्रचार/प्रसारण करने वाले पर हमला है के लिए मीडिया स्वयं जुम्मेदार है. यह अलग बात है कि डरी हुई सरकार ने मीडिया के नाटक को महत्त्व दिया. यह उस मीडिया पर हमला है जिस पर ईसाई मिशनरी से 64 करोड़ रूपये लेकर संत श्री आसाराम जी बापू को बदनाम करने का घिनौना आरोप लग चुका है.
2.) मीडिया पर हमले होते क्यों है के बारे मीडिया आत्मचिंतन क्यों नहीं करता ? जाहिर है घमंडी/बेशर्म मीडिया सुधरना नही चाहता.
3.) देश के गृहमंत्री का कहना "
मेरे सहित जो मंत्री 60 से अधिक के हैं को पद त्याग देना चाहिए." प्रशंसनीय है. लेकिन स्वयं गृहमंत्री अपनी बात का आदर नहीं कर रहे को क्या कहा जाए ? 

सिरसा 27 जून 2011.
1.) दो लोगों के 2 पत्रकारों पर हमले में कांग्रेस C.M. मायावती का हाथ मान रही है. 4 जून को सोए हुए हज़ारों महिलाएं, बच्चे व बुजुर्गों पर पुलिस के हजारों लोगों के हमले में किसका हाथ है कांग्रेस देश को क्यों नहीं बता रही ?
2.) श्री विजय चोपड़ा जी, 25 जून के लेख में आपने लिखा कि " अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 115 से घट कर 110 डॉलर हुई लेकिन आज आपके अखबार ने हरियाणा C.M. के बयान जिसमे कहा गया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढे दामों से मजबूर होकर केंद्र को कीमतें बढानी पड़ी. हरियाणा C.M. के दावे को सही साबित करने हेतु आपके अखबार ने आपके लेख को किस मज़बूरी आधीन गलत साबित किया ?
3.) ख़बर में मिट्टी तेल में दी गई रियायत छापी गई लेकिन LPG व डीजल रियायत बारे अखबार चुप क्यों है बताया जाए.
4.) अगर अखबार का दायित्व देश को सही ख़बरों से अवगत करवाना है तो दायित्व निभाया क्यों नही जा रहा ?    
 
सिरसा 26 जून
 2011.
माननीय , 
              1.) श्री हरिशंकर व्यास जी.
              2.) श्री वीरेंद्र कपूर जी,
1.) आज आपके उत्तम देश व समाज हितैषी पवित्र विचारों वाले लेख जिसमे आपने संवेदनहीन सरकार व चाटुकार लोगों पर करार प्रहार किया पढ़े. जिनकी प्रशंसा शब्दों में नहीं की जा सकती . 
2.) हमारी प्रभु चरणों में प्रार्थना है कि आपके शारीरिक बल, मनोबल, व देश हितैषी पवित्र उत्तम सोच में कभी कोई कमी ना आए तथा आपको " बुद्धियोग " जैसा भगवान कृष्ण ने गीता में कहा है की प्राप्ति हो. 
3.) चार 
जून को सोए हुए हजारों लोग जिनमे बच्चे, महिलाए व बुजुर्ग थे को केंद्र सरकार की पुलिस ने न सिर्फ बर्बरता से पीटा बल्कि जिसे बाद में " सबक सिखाया गया " कह कर लोकतंत्र का मजाक उड़ाया गया. अब ऐसी ही करवाई की धमकी भ्रष्टाचार विरोधी आदरणीय श्री अन्ना को दी गई. फिर भी कोई कांग्रेस नेता दिग्विजय को " कांग्रेस का सदैव अहिंसा में विशवास रहा है. " कहने में लज्जा नही आ रही.  
                                                                        

Sunday, June 26, 2011

1.) श्री हरिशंकर व्यास जी. 2.) श्री वीरेंद्र कपूर जी, 1.) आज आपके उत्तम देश व समाज हितैषी पवित्र विचारों वाले लेख जिसमे आपने संवेदनहीन सरकार व चाटुकार लोगों पर करार प्रहार किया पढ़े. जिनकी प्रशंसा शब्दों में नहीं की जा सकती


सिरसा 26 जून 2011.
माननीय , 
              1.) श्री हरिशंकर व्यास जी.
              2.) श्री वीरेंद्र कपूर जी,
1.) आज  आपके उत्तम देश व समाज हितैषी पवित्र विचारों वाले लेख जिसमे आपने संवेदनहीन सरकार व चाटुकार लोगों पर करार प्रहार किया पढ़े. जिनकी प्रशंसा शब्दों में नहीं की जा सकती . 
2.) हमारी प्रभु चरणों में प्रार्थना है कि आपके शारीरिकबल, मनोबल, व देश हितैषी पवित्र उत्तम सोच में कभी कोई कमी ना आये तथा आपको " बुद्धियोग " जैसा भगवन कृष्ण ने गीता में कहा है की प्राप्ति हो. 
3.) 
 
 4 जून को सोए हुए हजारों लोग जिनमे बच्चे, महिलाए व बुजुर्ग थे को केंद्र सरकार की पुलिस ने न सिर्फ बर्बरता से पीटा बल्कि जिसे बाद में " सबक सिखाया गया " कह कर लोकतंत्र का मजाक उड़ाया गया. अब ऐसी ही करवाई की धमकी भ्रष्टाचार विरोधी आदरणीय श्री अन्ना को दी गई. फिर भी कोई कांग्रेस नेता दिग्विजय को " कांग्रेस का सदैव अहिंसा में विशवास रहा है. " कहने में लज्जा नही आ रही. 

Saturday, June 25, 2011

समाजवादी पार्टी P.M. व श्रीमती सोनिया जी के पुतले फूंक रही है वहीं केंद्र में कांग्रेस नीत सरकार कुर्सी व सत्ता मोह आधीन समर्थन ले रही है.


सिरसा 25 जून 2011.
1. देश के सामने समय-समय पर जो तथ्य आ रहे है से तो यही प्रमाणित हो रहा है कि देश में कांग्रेस पार्टी की समानांतर सरकार है. आरोप सरकार व कांग्रेस अन्ना पर लगा रही है. UPA सरकार क्या करे क्या न करे का फैसला CWC में किया जाता है. यहाँ तक कि सहयोगी दलों से भी सहमति नहीं बनाई जाती.
2. 
 
श्रीमती सोनिया गाँधी को P.M. न बनने देने की चुनौती देने वाले बाल ठाकरे की हालत इतनी पतली हो गई है कि आज वे लोकपाल मुद्दे पर अन्ना का विरोध करके कांग्रेस का मुखौटा बनने में लगे हुए हैं. 
3. समाजवादी पार्टी P.M. व श्रीमती सोनिया जी के पुतले फूंक रही है वहीं केंद्र में कांग्रेस नीत सरकार कुर्सी व सत्ता मोह आधीन समर्थन ले रही है. राजनीति वास्तव में स्तरहीन हो चुकी है.